UP Women Safety: उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई स्तरों पर बदलाव किए गए हैं। राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था के साथ-साथ जागरूकता और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं पर भी जोर दिया है। मिशन शक्ति इसी दिशा में सरकार की प्रमुख पहलों में शामिल है।
मिशन शक्ति से थानों तक पहुंची महिला सुरक्षा व्यवस्था
महिलाओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और संवेदनशील निस्तारण के लिए मिशन शक्ति केंद्रों को पुलिस व्यवस्था से जोड़ा गया है। सितंबर 2025 में मिशन शक्ति-5.0 के तहत प्रदेश के सभी 1,647 पुलिस थानों में मिशन शक्ति केंद्र शुरू किए गए।
इसके अलावा महिला पुलिसिंग, पिंक पेट्रोलिंग और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं के जरिए महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। यूपी पुलिस की महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की स्थापना 2020 में की गई थी और इसकी इकाइयां प्रदेश के सभी 75 जिलों में काम करती हैं।
सुरक्षा के साथ आत्मनिर्भरता पर भी जोर
सरकार की नीति में केवल अपराध पर कार्रवाई ही नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मिशन शक्ति का आधिकारिक उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है।
सरकार की ओर से यह भी दावा किया जाता रहा है कि बेहतर सुरक्षा माहौल के कारण महिलाएं शिक्षा, रोजगार और दूसरे क्षेत्रों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में लगातार निगरानी, प्रभावी जांच और ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाओं की पहुंच अभी भी महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।
सरकार का दावा, सुरक्षा व्यवस्था में आया बदलाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मिशन शक्ति के विभिन्न चरणों के दौरान महिला सुरक्षा और सम्मान को सरकार की प्राथमिकता बताया है। मिशन शक्ति-5.0 का फोकस सुरक्षा के साथ महिलाओं की गरिमा और आत्मनिर्भरता पर रखा गया था।









