Blue Fire Volcano: ज्वालामुखी का नाम सुनते ही आमतौर पर लाल-नारंगी लावा, धुआं और विनाश की तस्वीर सामने आती है। लेकिन इंडोनेशिया में स्थित कावाह इजेन (Kawah Ijen) दुनिया के सबसे अनोखे ज्वालामुखियों में गिना जाता है। यहां रात के अंधेरे में लाल लावा नहीं, बल्कि चमकदार नीली आग (Blue Fire) दिखाई देती है। यह दुर्लभ प्राकृतिक घटना हर साल हजारों पर्यटकों, फोटोग्राफरों और प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
नीला लावा नहीं, है वैज्ञानिक प्रक्रिया
कावाह इजेन इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर स्थित है। इसे अक्सर “नीला लावा” निकलने वाला ज्वालामुखी कहा जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार यह वास्तव में लावा नहीं होता। यहां बड़ी मात्रा में निकलने वाली सल्फर गैस अत्यधिक तापमान पर हवा के संपर्क में आकर जलने लगती है, जिससे चमकीली नीली लपटें दिखाई देती हैं। इसी प्राकृतिक प्रक्रिया को ब्लू फायर कहा जाता है। यह दृश्य केवल रात के समय स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जबकि दिन में यह स्थान सामान्य ज्वालामुखी जैसा ही नजर आता है।
दुनिया की सबसे अम्लीय झीलों में शामिल
कावाह इजेन सिर्फ अपनी नीली आग के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे अधिक अम्लीय झीलों में से एक के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां स्थानीय मजदूर रोजाना सल्फर निकालने का कठिन और जोखिम भरा काम करते हैं। लगातार सल्फर गैस के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए इसे दुनिया के सबसे कठिन कार्यों में भी गिना जाता है।
कैसे पहुंच सकते हैं पर्यटक?
इस ज्वालामुखी तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को पहले बाली या जावा के प्रमुख शहरों तक जाना पड़ता है। वहां से लगभग 3 से 4 घंटे की रात की ट्रेकिंग के बाद ज्वालामुखी के शिखर तक पहुंचा जाता है। सुरक्षा कारणों से स्थानीय गाइड के साथ यात्रा करने की सलाह दी जाती है। आधी रात के बाद से सुबह तक नीली आग का दृश्य सबसे स्पष्ट दिखाई देता है। अपनी अनूठी प्राकृतिक विशेषता के कारण कावाह इजेन कई अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री और प्रकृति आधारित कार्यक्रमों में भी शामिल हो चुका है।






