Gold Silver Import Duty Hike: सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ा बदलाव किया है। अब इन धातुओं पर 5% कृषि अवसंरचना और विकास उपकर यानी AIDC भी लगाया जाएगा। इसके बाद प्रभावी आयात शुल्क 6% से बढ़कर सीधे 15% तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई देगा। आने वाले दिनों में ज्वेलरी खरीदना पहले के मुकाबले काफी महंगा पड़ सकता है।
24 कैरेट सोने की कीमत में बड़ा उछाल
अगर मौजूदा बाजार रेट के हिसाब से देखें, तो 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹15,207 प्रति ग्राम चल रही है। पहले 6% इंपोर्ट ड्यूटी के हिसाब से इस पर लगभग ₹912 टैक्स लगता था। लेकिन अब 15% ड्यूटी लागू होने के बाद यही टैक्स करीब ₹2,281 तक पहुंच सकता है।
इसका मतलब साफ है कि सिर्फ ड्यूटी बढ़ने की वजह से 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,369 प्रति ग्राम महंगा हो सकता है। अगर कोई ग्राहक 10 ग्राम सोना खरीदता है, तो उसे करीब ₹13,000 से ज्यादा अतिरिक्त पैसे देने पड़ सकते हैं।
22 कैरेट गोल्ड भी हुआ महंगा
22 कैरेट सोना, जो ज्यादातर लोग गहनों के लिए खरीदते हैं, उसकी कीमत पर भी बड़ा असर पड़ेगा। फिलहाल 22 कैरेट गोल्ड का रेट करीब ₹13,965 प्रति ग्राम है। पहले इस पर करीब ₹838 ड्यूटी लगती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था के बाद यह बढ़कर लगभग ₹2,095 तक पहुंच सकती है।
यानी 22 कैरेट सोने पर ग्राहकों को करीब ₹1,257 प्रति ग्राम ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। ऐसे में शादी और त्योहारों के समय ज्वेलरी खरीदना लोगों के बजट को प्रभावित कर सकता है।
चांदी की कीमत में भी आएगी तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी भी अब महंगी होने वाली है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में जैसे ही इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, वैसे ही चांदी की लागत भी बढ़ गई।
मौजूदा समय में चांदी की अनुमानित कीमत करीब ₹2,74,900 प्रति किलो है। पहले 6% ड्यूटी के हिसाब से लगभग ₹16,494 शुल्क लगता था। अब 15% ड्यूटी लागू होने के बाद यह बढ़कर करीब ₹41,235 तक पहुंच सकता है।
यानी चांदी पर करीब ₹24,741 प्रति किलो का अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है। अगर प्रति ग्राम हिसाब लगाएं, तो चांदी करीब ₹25 प्रति ग्राम महंगी हो सकती है।
शादी-ब्याह के खर्च पर असर
सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर आम ग्राहकों पर पड़ेगा। खासकर शादी-ब्याह के सीजन में सोने और चांदी की खरीदारी करने वालों का बजट बिगड़ सकता है। गहनों की कीमत बढ़ने से लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।
हालांकि सरकार का उद्देश्य गोल्ड इंपोर्ट को कम करना और ट्रेड डेफिसिट को नियंत्रित करना बताया जा रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड आयात करने वाले देशों में शामिल है। ऐसे में सरकार आयात पर निर्भरता कम करने के लिए यह कदम उठा रही है।










