भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है। वसुंधरा राजे सिंधिया, राम माधव, तीरथ सिंह रावत और बैजयंत जय पांडा समेत कुल 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने अनुभवी नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका देने का फैसला किया है।
स्मृति ईरानी की वापसी
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की भाजपा के शीर्ष संगठन में वापसी हुई है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ईरानी लंबे समय से पार्टी की प्रमुख नेताओं में रही हैं। संगठन में उनकी नई भूमिका को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तावड़े-बंसल बरकरार
राष्ट्रीय महासचिव के पद पर विनोद तावड़े और सुनील बंसल को भी बरकरार रखा गया है। दोनों नेता संगठनात्मक स्तर पर पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। नई टीम में उन्हें जिम्मेदारी जारी रखने से भाजपा के मौजूदा संगठनात्मक कामकाज में निरंतरता बनाए रखने का संकेत मिलता है।
संतोष को बड़ी जिम्मेदारी
भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में बी.एल. संतोष की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी में यह पद बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि संगठन से जुड़े कई बड़े फैसलों और गतिविधियों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
गोयल बने कोषाध्यक्ष
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भाजपा का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। गोयल केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उन्हें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाए जाने से संगठन में उनके अनुभव का इस्तेमाल वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में किए जाने का संकेत मिलता है।
नई टीम पर नजर
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन में सक्रिय चेहरों को भी जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महासचिव, संगठन महामंत्री और कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर हुई नियुक्तियों से पार्टी के आगामी संगठनात्मक रोडमैप की तस्वीर साफ होती है। नई टीम अब भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के कामकाज में अहम भूमिका निभाएगी।








