NEET UG Re Exam Preparation: नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद अब केंद्र सरकार दोबारा होने वाली परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुट गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार परीक्षा के प्रश्न पत्रों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना यानी आईएएफ की मदद लेने पर विचार कर रही है।
बताया जा रहा है कि यह फैसला रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक के बाद सामने आया है। इस बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
पेपर सुरक्षा पर हुई बड़ी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रश्न पत्र तैयार करने, उनकी छपाई, सुरक्षित पैकिंग और अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया पर बात हुई। अधिकारियों ने इस बात पर भी चर्चा की कि क्या परीक्षा के पेपर्स को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा।
पीएम मोदी खुद रख रहे नजर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद 21 जून को होने वाली री-एग्जाम की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्हें परीक्षा से जुड़ी हर छोटी और बड़ी जानकारी लगातार दी जा रही है। सरकार इस बार किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी से बचना चाहती है। इसी वजह से परीक्षा प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।
23 लाख छात्रों ने कराया था रजिस्ट्रेशन
नीट यूजी परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख छात्रों ने आवेदन किया था। परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने कराया था। एनटीए के मुताबिक, परीक्षा के चार दिन बाद 7 मई की शाम को कथित गड़बड़ियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद 8 मई को यह जानकारी केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की गई, ताकि जांच और जरूरी कार्रवाई की जा सके।
सीबीआई कर रही जांच
पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दी गई थी। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी।
इस मामले में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर सीबीआई ने केस दर्ज किया। जांच एजेंसी ने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी की और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 13 लोगों को पकड़ा जा चुका है। सीबीआई का कहना है कि जांच में पेपर लीक के असली स्रोत का पता चल गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।







