G7 Summit 2026: 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने खास अंदाज में नजर आए। पेरिस के एक लग्जरी रिजॉर्ट में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उनका एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी समेत कई बड़े नेता बैठक कक्ष में मौजूद थे, तब ट्रंप सबसे आखिर में पहुंचे। कमरे में प्रवेश करते ही उन्होंने सभी नेताओं की ओर देखते हुए मुस्कुराकर कहा, “मैं ही बॉस हूं।” इसके बाद उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की पीठ भी थपथपाई।
क्यों चर्चा में है यह बयान?
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान केवल मजाक नहीं था। इसे मौजूदा वैश्विक राजनीति में अमेरिका की मजबूत स्थिति के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
इस समय यूरोप के कई देश रूस को लेकर चिंतित हैं। वहीं जापान और कनाडा जैसे देशों के सामने चीन की बढ़ती गतिविधियां भी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे माहौल में अमेरिका की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि यूरोपीय देशों की मांग पर ट्रंप प्रशासन ने रूस के खिलाफ और कड़े प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को समर्थन देने का संकेत दिया है। इससे यह संदेश गया कि अमेरिका अभी भी वैश्विक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
यूक्रेन के लिए बड़ा सहायता पैकेज
जी7 सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने यूक्रेन के लिए 1 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 8,400 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस सहायता का उद्देश्य यूक्रेन को आर्थिक और सैन्य स्तर पर मजबूत करना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने यूक्रेन को अपनी रक्षा जरूरतों के अनुसार हथियार विकसित करने और उनका उपयोग करने की अनुमति भी दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम यूक्रेन-रूस संघर्ष को लेकर अमेरिका की नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हाल के दिनों में युद्ध समाप्त कराने के प्रयास भी तेज हुए हैं।
पर्दे के पीछे हुई अहम बातचीत
जानकारी के अनुसार, सम्मेलन से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। माना जा रहा है कि इसी दौरान आगे की रणनीति और संभावित शांति प्रयासों पर चर्चा की गई।
पीएम मोदी भी रहे मौजूद
इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके अलावा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी भी मौजूद रहे।
दुनिया की नजरें जी7 पर
जी7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप का यह बयान और उनके द्वारा लिए गए फैसले आने वाले समय की वैश्विक राजनीति को लेकर कई संकेत दे रहे हैं। अमेरिका, यूरोप, रूस और यूक्रेन से जुड़े मुद्दों पर दुनिया की नजरें अब आगे होने वाले कूटनीतिक कदमों पर टिकी हुई हैं। ऐसे में यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









