India vs Japan: भारत और जापान के बीच खेला गया ऐतिहासिक टी20 इंटरनेशनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। मैच में क्रिकेट फैंस को आखिरी गेंद तक रोमांच देखने को मिला। मुकाबले का फैसला भी अंतिम गेंद पर हुआ। हालांकि, आखिरी ओवर में एक ऐसा पल आया, जब मैदान पर विवाद की स्थिति बन गई। अंपायर के एक फैसले ने मैच का रुख ही बदल दिया।
अब सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में इसी फैसले को लेकर चर्चा हो रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या वह गेंद सच में वाइड थी या फिर अंपायर से गलती हुई थी?
जापान को आखिरी गेंद पर चाहिए थे 8 रन
बारिश के कारण गीली पिच को देखते हुए भारत और जापान का यह मुकाबला घटाकर 5-5 ओवर का कर दिया गया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 32 रन बनाए। जवाब में जापान ने 4 ओवर में 3 विकेट खोकर 25 रन बना लिए थे।
जापान को आखिरी 6 गेंदों में जीत के लिए 8 रन चाहिए थे। भारत की ओर से आखिरी ओवर डालने की जिम्मेदारी स्पिनर अक्षर पटेल को मिली। उन्होंने पहली गेंद शानदार तरीके से डॉट फेंकी।
दूसरी गेंद पर जापान ने एक रन बनाया। इसके बाद आखिरी 4 गेंदों में उसे जीत के लिए 7 रन चाहिए थे। फिर अक्षर पटेल की लगातार दो गेंदों को अंपायर ने वाइड करार दिया। इससे जापान को बिना लीगल गेंद के अतिरिक्त रन और एक अतिरिक्त गेंद मिल गई।
अक्षर पटेल की वाइड पर शुरू हुआ विवाद
दूसरी वाइड गेंद को लेकर मैदान पर माहौल अचानक बदल गया। विकेट के पीछे खड़े संजू सैमसन इस फैसले से नाराज दिखाई दिए। वहीं, अक्षर पटेल भी अंपायर के फैसले से हैरान नजर आए।
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर तुरंत अंपायर के पास पहुंचे और इस फैसले पर बातचीत करने लगे। दरअसल, अक्षर की गेंद लेग-साइड की ओर जा रही थी और जापानी बल्लेबाज अलेक्जेंडर शिराई-पैटमोर ने पिछली गेंद की तरह इस पर भी रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की थी।
श्रेयस अय्यर की बातचीत के बाद मैदानी अंपायरों ने आपस में चर्चा की। इसके बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। यही फैसला मैच का सबसे अहम मोड़ साबित हुआ।
फैसला बदलने के बाद पलट गया मैच
अंपायर के फैसला बदलने के बाद जापान को आखिरी तीन गेंदों में सिर्फ तीन रन ही मिल सके। आखिरकार जापानी टीम यह मुकाबला 2 रन से हार गई।
अगर वह गेंद वाइड ही मानी जाती, तो जापान को एक अतिरिक्त रन के साथ एक और गेंद भी मिलती। ऐसे में मैच टाई होने की संभावना बन सकती थी और मुकाबले का फैसला सुपर ओवर से हो सकता था।
अब इस पूरे मामले को लेकर क्रिकेट फैंस के बीच बहस जारी है। सवाल यही है कि क्या पहली बार लिया गया वाइड का फैसला गलत था, जिसे बाद में सुधार लिया गया? या फिर भारतीय खिलाड़ियों के विरोध के बाद फैसला बदला गया? आखिरी ओवर का यह विवाद मैच के नतीजे के साथ लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।








