Azam Khan ED Arrest: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला जेल से जमानत पर बाहर आते ही शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक अलग मामले में की गई है। हालांकि, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम जेल से रिहा होकर घर चले गए।
जेल के बाहर पहले से मौजूद थी ईडी की टीम
आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद शनिवार को रिहा किया गया था। जेल से बाहर निकलते ही ईडी की टीम ने आजम खां को अपनी हिरासत में ले लिया। इस दौरान जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटी रही और नारेबाजी भी हुई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था।
गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेशी की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईडी आजम खां को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश कर रिमांड मांगी जाएगी।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है मामला
ईडी की जांच रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में चल रही है। एजेंसी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के निर्माण पर घोषित खर्च और आकलन में बड़ा अंतर सामने आया है। जांच में करीब 416.14 करोड़ रुपये के कथित अस्पष्ट खर्च का मामला सामने आया है। यह जांच के तहत लगाए गए आरोप हैं, जिनका कानूनी रूप से निर्धारण होना बाकी है।
जेल से निकलते ही आजम खां ने क्या कहा?
रिहाई के बाद आजम खां ने मीडिया से कहा, “अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मैं क्या कहूं? कानून तो जैसे खत्म ही हो गया है। क्या मुसलमान होने की यही सजा है?” उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी और बच्चों के लिए स्कूल बनवाना ही उनकी गलती बना दिया गया है।
दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से मिली थी राहत
29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर की थी। हालांकि, अदालत ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी थी। अब ईडी की अलग कार्रवाई के चलते आजम खां की कानूनी मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं।





















