Major Rishabh Singh Sambyal: मेजर ऋषभ सिंह संब्याल पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों में नजर आने के कारण सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रहे। राष्ट्रपति के Aide-de-Camp (ADC) के तौर पर उनकी तस्वीरें और वीडियो अक्सर सामने आते रहे हैं। इस भूमिका ने उन्हें आम लोगों के बीच भी पहचान दिलाई।
हालांकि, राष्ट्रपति भवन पहुंचने से पहले उनका सैन्य करियर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। उन्होंने जाट रेजिमेंट की टुकड़ी का गणतंत्र दिवस परेड में नेतृत्व किया और बाद में 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में भी सेवा दी।
NDA से शुरू हुआ सैन्य सफर
ऋषभ सिंह संब्याल ने 2013 में NDA की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह 133वें NDA कोर्स का हिस्सा बने, जिसकी शुरुआत 2014 में हुई थी। उन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी में मिलिट्री स्टडीज और डिफेंस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की।
सेना में शुरुआती सेवा के दौरान उन्हें गणतंत्र दिवस परेड में नेतृत्व करने का मौका मिला। वर्ष 2021 में कैप्टन ऋषभ संब्याल ने जाट रेजिमेंट की टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस टुकड़ी को बेस्ट मार्चिंग कंटिंजेंट ट्रॉफी भी मिली थी।
4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में भी दी सेवा
इसके बाद उन्होंने 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में सेवाएं दीं, जिसे ‘डैगर्स’ के नाम से भी जाना जाता है। स्पेशल फोर्सेज में सेवा के दौरान उन्हें बलिदान बैज भी मिला।
मार्च 2023 में बने राष्ट्रपति के ADC
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च 2023 में ऋषभ संब्याल को राष्ट्रपति के ADC की जिम्मेदारी मिली। इस पद पर प्रोटोकॉल, कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियां होती हैं।
करीब 12 साल की सेवा के बाद अब उन्होंने समयपूर्व रिटायरमेंट लेने का फैसला किया है। उनके सैन्य करियर और राष्ट्रपति के ADC के रूप में कार्यकाल ने उन्हें खास पहचान दिलाई है।










