Cristiano Ronaldo World Cup: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल को स्पेन के खिलाफ 1-0 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही टीम का टूर्नामेंट में सफर भी समाप्त हो गया। यह मुकाबला क्रिस्टियानो रोनाल्डो के करियर का आखिरी विश्व कप मैच भी माना जा रहा है। मैच खत्म होने के बाद रोनाल्डो भावुक नजर आए और उन्होंने अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय सफर को लेकर खुलकर बात की।
विश्व कप नहीं जीतने पर क्या बोले रोनाल्डो
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा कि वह अपने पूरे करियर में फीफा विश्व कप नहीं जीत सके, लेकिन उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि साल 2016 में पुर्तगाल को दिलाई गई UEFA यूरो चैम्पियनशिप उनके लिए विश्व कप जीतने के बराबर है। रोनाल्डो ने बताया कि उनके आने से पहले पुर्तगाल ने कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब नहीं जीता था और उस ऐतिहासिक जीत पर उन्हें आज भी गर्व है।
देश के लिए सब कुछ दिया
मैच के बाद रोनाल्डो ने कहा कि इस तरह टूर्नामेंट से बाहर होना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने देश के लिए हमेशा पूरी मेहनत की और मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दिया। उनके मुताबिक, वह संतुष्ट हैं क्योंकि उन्होंने कभी अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह अपने प्रदर्शन पर शांति से विचार करेंगे और कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताना चाहते हैं। भविष्य को लेकर कोई फैसला जल्दबाजी में नहीं लेंगे।
इंजरी टाइम में बदली बाजी
पुर्तगाल और स्पेन के बीच मुकाबला काफी रोमांचक रहा। दोनों टीमों ने पूरे मैच में शानदार खेल दिखाया और लंबे समय तक कोई गोल नहीं हुआ। आखिरकार इंजरी टाइम में स्पेन के लिए सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मिकेल मेरिनो ने निर्णायक गोल कर अपनी टीम को जीत दिला दी। इस गोल ने स्पेन को क्वार्टर फाइनल का टिकट दिलाया, जबकि पुर्तगाल का सपना यहीं टूट गया।
स्पेन ने रचा नया इतिहास
इस जीत के साथ स्पेन ने 16 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बनाई। टीम के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आखिरी समय तक हार नहीं मानी। वहीं, पुर्तगाल के खिलाड़ियों और करोड़ों प्रशंसकों के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। खासकर वे फैंस, जो क्रिस्टियानो रोनाल्डो को अपने करियर में विश्व कप ट्रॉफी उठाते हुए देखना चाहते थे, उनके लिए यह पल काफी भावुक रहा।
रोनाल्डो की विरासत रहेगी यादगार
भले ही क्रिस्टियानो रोनाल्डो विश्व कप का खिताब अपने नाम नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने अपने शानदार खेल, रिकॉर्ड और नेतृत्व से फुटबॉल इतिहास में अमिट पहचान बनाई है। उनके नाम कई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां दर्ज हैं और दुनिया भर के करोड़ों प्रशंसकों के लिए वह हमेशा महान खिलाड़ियों में गिने जाएंगे।









