Hunger Strike: जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच नया घटनाक्रम सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। दीपके का कहना है कि आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि युवाओं और छात्रों की आवाज है और इसे हर हाल में जारी रखा जाएगा।
पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए गंभीर आरोप
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल पहुंचाया। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कदम मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए उठाया गया। पुलिस के अनुसार, वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, इसलिए उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी था।
पहले खुद नहीं बैठे थे अनशन पर
इससे पहले अभिजीत दीपके कई बार स्पष्ट कर चुके थे कि आंदोलन के संचालन की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, इसलिए वह स्वयं भूख हड़ताल पर नहीं बैठ रहे थे। उन्होंने यह भी बताया था कि उन्हें माइग्रेन की समस्या है और लंबे समय तक खाली पेट रहने पर तेज सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। इसके बावजूद मौजूदा परिस्थितियों में उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने का फैसला लिया है।
20 जुलाई के ‘चलो संसद’ कार्यक्रम पर कायम संगठन
सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने कहा है कि 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा। इस बीच दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और जंतर-मंतर व आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।









