Kanpur News : उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के कुईतखेड़ा गाँव में कक्षा आठ में पढ़ने वाले एक बच्चे ने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर परिजनों से पूछताछ व जाँच की। परिजनों के मना करने पर पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव उन्हें सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार, कुईतखेड़ा गाँव निवासी सतीश यादव का बारह वर्षीय बेटा प्रद्युम्न गाँव के ही स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ता था। मंगलवार सुबह उसे मोबाइल न मिलने पर वह गुस्से में आ गया। गुस्से में आकर प्रद्युम्न ने घर के अंदर जाकर एक कमरे में फांसी लगा ली। इससे उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। उसकी माँ रीना देवी अपने इकलौते बेटे की मौत से बदहवास हो गईं।
उन्होंने कहा, अब हम किसे राखी बाँधेंगे?
रक्षाबंधन के त्योहार से पहले भाई की मौत पर उसकी बहन कीर्ति रो-रोकर बेहाल हो गई। रोते हुए उसने कहा कि अब वह किसे राखी बांधेगी। घटना की सूचना मिलने पर अकबरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच की। अकबरपुर कोतवाल सतीश कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने और कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें : देश के एयरपोर्ट्स पर आतंकी हमले का अलर्ट! बीसीएएस ने जारी की सख्त…
नहीं थम रहे पिता के आंसू
इकलौता संतान होने के कारण प्रद्युम्न परिवार के सभी सदस्यों का बेहद लाडला था। इसी के चलते वह जिद्दी हो गया था। मोबाइल न मिलने की जिद में आखिरकार उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी मौत से उसके दादा जसवंत के आंसू नहीं रुक रहे। रोते हुए वह कह रहा था कि अगर हमें पता होता कि वह इतना गुस्सा करेगा, तो हम उसके लिए एक मोबाइल खरीद देते। वह लगातार बोले जा रहा था। वह बार-बार कह रहा था कि उनके घर का चिराग बुझ गया है। उसकी दादी रोते-रोते बेहोश हो गईं। घटना के बाद गाँव में मातम छा गया।
























