Refurbished Smartphones: नई दिल्ली। मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों का असर अब स्मार्टफोन बाजार पर भी दिखने लगा है। स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां धीरे-धीरे अपने नए मॉडल्स की कीमतें बढ़ा रही हैं। इसके चलते कई ग्राहक अब नए फोन खरीदने के बजाय रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन और एक्सचेंज ऑफर्स की ओर रुख कर रहे हैं।
रिफर्बिश्ड मार्केट में होगी तेज बढ़ोतरी
रिसर्च फर्म Counterpoint Research के अनुसार, भारत का रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन बाजार 2026 में साल-दर-साल 12 फीसदी की दर से बढ़ सकता है। वहीं, नए स्मार्टफोन की शिपमेंट में 11 फीसदी तक गिरावट आने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती कीमतों के कारण कई उपभोक्ता नए डिवाइस खरीदने से पहले दोबारा विचार कर रहे हैं।
क्या होता है रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन?
रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन वह डिवाइस होता है जिसे पहले किसी ग्राहक ने इस्तेमाल किया होता है और बाद में उसे कंपनी या रिटेलर को बेच या एक्सचेंज कर दिया जाता है। इसके बाद फोन की जांच, मरम्मत (यदि आवश्यक हो), टेस्टिंग और क्वालिटी चेक के बाद उसे दोबारा बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे फोन आमतौर पर नए डिवाइस की तुलना में कम कीमत पर मिलते हैं।
14 फीसदी ग्राहक बना रहे खरीदारी का नया प्लान
Counterpoint Research के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों के कारण करीब 14 फीसदी उपभोक्ता अब नए फोन की जगह रिफर्बिश्ड डिवाइस खरीदने पर विचार कर रहे हैं। उनके मुताबिक, नए और रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ता अंतर प्रीमियम फीचर्स चाहने वाले ग्राहकों के लिए इन्हें आकर्षक विकल्प बना रहा है।
एक्सचेंज और ट्रेड-इन की मांग बढ़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अधिक ग्राहक अपने पुराने स्मार्टफोन को घर में रखने के बजाय एक्सचेंज करेंगे। इससे रिफर्बिश्ड डिवाइस की उपलब्धता भी बढ़ेगी। वहीं, रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन प्लेटफॉर्म्स का कहना है कि ट्रेड-इन प्रोग्राम की मांग लगातार बढ़ रही है और यह स्मार्टफोन अपग्रेड का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।








