कानपुर। यूपी के कानपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां अलीगढ़ निवासी पशु व्यापारी से शनिवार को पुलिसर्मियों ने मारपीट करने के साथ ही रुपये छीन लिए। पीड़ित की शिकायत पर सीपी ने जांच के आदेश दिए। जांच में 11 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। ये सभी पुलिसकर्मी पीआरवी में तैनात थे और महज 500 रुपये की वसूली के चक्कर में अपनी तय लोकेशन छोड़कर वहां पहुंचे थे।
कानपुर के बर्रा थानाक्षेत्र में शनिवार सुबह सरसौल से पशुओं को लादकर अलीगढ़ ले जा रहे पशु व्यापारी मोहम्मद उजैर और चालक लक्ष्मण ने चकेरी की पीआरवी के सिपाहियों पर मारपीट कर 10 हजार रुपये लूटने का आरोप लगाया था। पीड़ितों का आरोप है कि हाईवे पर जाते समय अर्जुन आई हॉस्पिटल के पास बर्रा कट फ्लाईओवर पर पीछे से आई चकेरी की पीआरवी 7058 के पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया।उन लोगों ने पशुओं को लाद कर ले जाने के बदले रुपयों की मांग की।
व्यापारी ने पैसे देने से इंकार किया तो पुलिसकर्मियों ने अन्य पीआरवी को बुला लिया। हनुमंत विहार थाने की पीआरवी 6504 और 7055 भी वहां आ पहुंचीं। तीनों पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मियों ने धमकाते हुए कहा कि इधर से गाड़ी लेकर जाना है, तो प्रति पुलिसकर्मी 500 रुपये देने होंगे। रुपये देने से इन्कार किया तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें गाड़ी से उतार लिया और जमकर पीटा और पैसे छीन लिए। फिर धमकाते हुए चले गए। कारोबारी ने पूरे मामले की शिकायत आलाधिकारियों से की। सीपी ने जांच के आदेश दिए।
एडीसीपी साउथ की जांच में सभी प्रथम दृष्टया दोषी मिले। रिपोर्ट के आधार पर ही निलंबन की कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि पशु व्यापारी की कार को ओवरटेक कर सबसे पहले रोकने वाली पीआरवी 7058 चकेरी थाने की थी, जिसे कांस्टेबल अतुल सचान चला रहा था। इसमें हेड कांस्टेबल ऋषिराजन व कांस्टेबल हरिओम सिंह और रिंकी रानी बैठीं थीं। हनुमंत विहार की पीआरवी 7055 में दो हेड कांस्टेबल अजय कुमार यादव व आनंद कुमार और कांस्टेबल उमाशंकर दीक्षित थे। दूसरी पीआरवी 6504 में चालक हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार व अमीर हसन एवं कांस्टेबल सोनू यादव और आराधना थीं। इन सभी को निलंबित कर दिया गया है।
पशु व्यापारी के मुताबिक वह हर सप्ताह पशु खरीदने सरसौल आते हैं तो पीआरवी में तैनात पुलिस कर्मी वाहन गुजारने के नाम पर 200-200 रुपये लेते हैं। इन्हें बिना रुपये दिए मवेशियों से भरी गाड़ी पास कराना संभव नहीं है। गाड़ी रोकनी न पड़े इसलिए अक्सर पीआरवी वालों को देखकर नोट हवा में उड़ा देते हैं, जिन्हें वह लोग उनके गुजर जाने के बाद उठा लेते हैं। उस दिन इन लोगों ने पीछाकर 500 रुपयों की मांग की थी। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि जांच में पाया गया कि कर्मियों की ऐसी हरकत से पुलिस विभाग की छवि खराब हुई है। प्रकरण को गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मुख्यालय ने सभी 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है।