Women Protest Against Liquor Shop: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के समसपुर गांव में महिलाओं का गुस्सा अचानक फूट पड़ा। गांव के बीच चल रहे शराब के ठेके से परेशान महिलाओं ने एकजुट होकर ठेके में घुसकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचाया और शराब की बोतलों को सड़क पर फेंक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस ठेके की वजह से गांव का माहौल खराब हो रहा है। खासकर स्कूल के पास होने के कारण बच्चों पर इसका गलत असर पड़ रहा है। आए दिन शराब पीकर लोग हंगामा करते हैं, जिससे महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं।
विवाद के बाद बढ़ा मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत एक छोटे से विवाद से हुई। गांव के आइसक्रीम बेचने वाले गयादीन का ठेका संचालक के परिवार के लोगों से कूड़ा फेंकने को लेकर झगड़ा हो गया। गयादीन का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई और उसे रात भर थाने में बैठाया गया। इस घटना की खबर जैसे ही गांव में फैली, महिलाओं का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने इसे अन्याय मानते हुए खुद कार्रवाई करने का फैसला किया और ठेके पर पहुंचकर विरोध शुरू कर दिया।
ठेकेदार का नुकसान का दावा
शराब ठेके के संचालक ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि महिलाओं ने ठेके में करीब 5 लाख रुपये का नुकसान कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब की बोतलें तोड़ी गईं, सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की गई।
हालांकि, ग्रामीण इस कार्रवाई को अपनी मजबूरी बता रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
ठेका अवैध होने का आरोप
गांव के प्रधान कृपा शंकर और अन्य लोगों का कहना है कि यह शराब का ठेका नियमों के खिलाफ चल रहा है। उनका दावा है कि यह ठेका किसी दूसरे गांव के नाम पर लिया गया था, लेकिन इसे गलत तरीके से यहां चलाया जा रहा है। साथ ही, यह भी कहा गया कि ठेका स्कूल से करीब 200 मीटर की दूरी पर है, जो नियमों के अनुसार सही नहीं है। ग्रामीणों ने इसे तुरंत हटाने की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव में फिलहाल तनाव बना हुआ है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तोड़फोड़ में कौन-कौन शामिल था और ठेके की वैधता क्या है। महिलाओं ने साफ कह दिया है कि वे गांव के अंदर शराब का ठेका किसी भी हालत में नहीं चलने देंगी।








