New Township in Lucknow उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के विकास के लिए लगातार नई योजनाएं बना रही है। इसी कड़ी में लखनऊ में एक नई टाउनशिप बसाने की योजना तैयार की गई है। यह टाउनशिप 6,000 एकड़ में फैली होगी, जहां लोगों को रहने और व्यापार के लिए प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। इसे राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) क्षेत्र में बसाया जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इसका पूरा खाका तैयार कर लिया है और जमीन के सर्वे का काम भी शुरू हो चुका है।
किन गांवों की जमीन पर बनेगी टाउनशिप
लखनऊ विकास प्राधिकरण के वाइस प्रेसिडेंट प्रथमेश कुमार ने बताया कि 14 गांवों की जमीन को इस योजना के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें भौली, बौरुमाऊ, धतिंगरा, गोपरामऊ, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फर्रुखाबाद, कोडरी भौली, कमलाबाद, कमलापुर, सैदापुर और पल्हरी शामिल हैं। यह टाउनशिप लखनऊ-सीतापुर रोड पर विकसित की जाएगी।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
एलडीए इस टाउनशिप को जल्द से जल्द विकसित करने के लिए 5 सीनियर अधिकारियों की एक कमेटी बना चुका है, जो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने का काम करेगी। इस कमेटी के अध्यक्ष प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव बनाए गए हैं। 3 मार्च को ही जमीन अधिग्रहण का आदेश जारी किया जा चुका है।
SCR योजना का हिस्सा होगी टाउनशिप
उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तरह स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) बनाने की योजना बनाई है। SCR में लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी को शामिल किया गया है। यह नई टाउनशिप इसी SCR योजना का हिस्सा होगी।
40 साल बाद सीतापुर रोड पर नई योजना
करीब 40 साल बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण सीतापुर रोड पर एक नई टाउनशिप बसाने जा रहा है। इससे पहले जानकीपुरम और जानकीपुरम एक्सटेंशन विकसित किए गए थे। इस योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे लखनऊ का विस्तार और तेजी से हो सकेगा।
रहने और व्यापार दोनों के लिए उपयुक्त
इस टाउनशिप में सड़कें, बिजली, पानी, सीवरेज, पार्क, स्कूल, अस्पताल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सभी जरूरी सुविधाएं होंगी। यह इलाका आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह के लोगों के लिए फायदेमंद होगा।
लखनऊ को मिलेगा नया विस्तार
यह नई टाउनशिप लखनऊ के लोगों को आधुनिक सुविधाओं से लैस बेहतर जीवन देने के लिए बनाई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी में नई आवासीय और व्यावसायिक संभावनाओं को बढ़ावा मिले, जिससे आर्थिक गतिविधियां भी तेज हो सकें।