हथिनीकुंड बैराज के पास ट्रेनिंग के दौरान मोटरबोट डूबने से लापता हुए दो जवानों की तलाश तीसरे दिन भी जारी रही। अब दोनों के शव मिलने का दावा किया गया है, लेकिन सेना ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
हादसे की शुरुआत
1 सितंबर की शाम करीब 5 बजे हथिनीकुंड बैराज के पास वन पैरा स्पेशल फोर्स के पांच जवान प्रैक्टिस के लिए मोटरबोट से यमुना में उतरे थे। जवानों के नाव में पहुंचते ही मोटरबोट स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी। इसके बाद पांचों जवानों ने डाइविंग किट और लाइफ जैकेट पहनकर नदी में छलांग लगा दी। इनमें से तीन जवान तैरकर पश्चिमी यमुना नहर के गेट से बाहर निकल आए, जबकि महाराष्ट्र के पीआर नारायण और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय लापता हो गए।
रात में शुरू तलाश
हादसे की जानकारी मिलते ही सेना और स्थानीय गोताखोरों की टीमें तलाश में जुट गईं। अगले दिन हरियाणा और यूपी एसडीआरएफ की टीमें भी अभियान में शामिल हुईं। हेलिकॉप्टर से निगरानी की गई और हथिनीकुंड बैराज से करीब 15 किलोमीटर के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पश्चिमी यमुना नहर में करीब एक घंटे तक पानी रोककर जलस्तर कम करने की कोशिश की गई, ताकि जवानों का पता लगाया जा सके।
पहला शव बरामद
2 सितंबर की रात करीब 8 बजे सहारनपुर जिले के बरथा कोरसी गांव के पास डाइविंग सूट में एक शव मिला। सिंचाई विभाग ने इसकी सूचना सेना को दी। दावा किया गया कि शव जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी जवान अजय का है। हालांकि सेना की ओर से उस समय भी शव की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। हादसे के बाद बैराज से करीब 15 किलोमीटर दूर दादूपुर हेड के पास दो लाइफ जैकेट और एक डाइविंग किट भी मिली थी।
दूसरा शव मिला
3 सितंबर को सेना की टीमें तलाश अभियान के तहत करनाल के इंद्री तक पहुंचीं। पश्चिमी यमुना नहर में बहकर आने वाले शवों की संभावना को देखते हुए सुबह से निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान दोपहर करीब 12 बजे जींद की हांसी ब्रांच नहर में अमरेहड़ी गांव के पास डाइविंग सूट पहने एक शव बरामद हुआ। दावा किया गया कि यह महाराष्ट्र के पीआर नारायण का शव है। हांसी ब्रांच नहर पश्चिमी यमुना नहर की मुनक हेड से निकलती है।
बहाव ने बढ़ाई दूरी
हथिनीकुंड बैराज से पानी पश्चिमी यमुना नहर की ओर डायवर्ट होने के कारण शवों के काफी दूर तक बहने की संभावना जताई गई। बैराज से इंद्री करीब 82 किलोमीटर दूर है, जबकि मुनक हेड इसके आगे करीब 49 किलोमीटर पर है। इसके बाद अंटा हेड से हांसी ब्रांच नहर निकलती है। इसी जलमार्ग के कारण एक शव करीब 200 किलोमीटर दूर जींद तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। फिलहाल दोनों शवों की पहचान को लेकर सेना की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।









