समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को जेल से रिहाई मिलने के कुछ ही देर बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हिरासत में ले लिया। शनिवार 31 अक्टूबर को रामपुर जिला जेल से बाहर निकलते ही ईडी की टीम ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान जेल के बाहर मौजूद समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। वहीं, आजम खान के बेटे अब्दुल्लाह आजम रिहा होकर घर चले गए। उन्होंने पिता को दोबारा हिरासत में लिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
अब्दुल्लाह ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा कसूर हमारा नाम है। हमारे नाम की वजह से हमें सजा भी होती है और सालों तक जेल में रहना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनके परिवार के साथ कानून के तहत कैसा व्यवहार किया जा रहा है।
रिहाई के इंतजार में पहुंचे समर्थक
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को दो पैन कार्ड रखने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। अदालत ने 29 अक्टूबर को दोनों की 10 साल की सजा निलंबित करते हुए जमानत दे दी थी।
इसके बाद शनिवार को दोनों की रिहाई हुई। सुबह से ही रामपुर जिला जेल के बाहर समर्थकों और सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी थी। पुलिस ने सुरक्षा के लिए भारी संख्या में जवान तैनात किए थे।
आजम खान के जेल से बाहर आने से करीब 15 मिनट पहले ईडी की टीम भी जेल परिसर पहुंच गई थी। बाहर निकलते ही अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान कुछ देर तक अधिकारियों और आजम खान के बीच बहस भी हुई। इसके बाद ईडी की टीम उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हो गई।
बेटे अब्दुल्लाह ने क्या कहा?
पिता को दोबारा हिरासत में लिए जाने के बाद अब्दुल्लाह आजम ने नाराजगी जताई। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, “हमारा सबसे बड़ा कसूर हमारा नाम है।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर वे इतने ही बुरे और बड़े अपराधी हैं तो उन्हें जीने का अधिकार ही नहीं है। अब्दुल्लाह ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को अलग-अलग मामलों में लगातार परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सालों तक मुकदमों और तारीखों का सामना करने के बाद जब वे जेल से बाहर आते हैं तो फिर किसी दूसरे मामले में कार्रवाई हो जाती है।
किस मामले में ED ने पकड़ा?
आजम खान के खिलाफ ईडी की कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हुई है। यह जांच रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी है।
ईडी ने 14 अक्टूबर को आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एजेंसी यूनिवर्सिटी के निर्माण पर हुए खर्च और उसके घोषित वित्तीय स्रोतों की जांच कर रही है।
ईडी के अनुसार, यूनिवर्सिटी के निर्माण में खर्च और उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड के बीच अंतर पाया गया है। जांच एजेंसी ने 416.14 करोड़ रुपये के कथित अस्पष्टीकृत खर्च की बात कही है। हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप हैं, जिन पर कानूनी प्रक्रिया के तहत फैसला होना बाकी है।
गाजियाबाद की अदालत में पेशी
रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी आजम खान को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश करेगी। एजेंसी उनसे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए रिमांड मांगने की तैयारी में है।
इस घटनाक्रम के बाद आजम खान की रिहाई के साथ शुरू हुई राहत कुछ ही मिनटों में एक नई कानूनी कार्रवाई में बदल गई। अब सबकी नजर गाजियाबाद की अदालत में होने वाली सुनवाई पर है।


















