Diwali Cyber Fraud: दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर खरीदारी बढ़ जाती है। इस दौरान कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए भारी डिस्काउंट, कैशबैक और फ्री गिफ्ट जैसे ऑफर देती हैं। लेकिन खरीदारी की इसी जल्दबाजी का फायदा साइबर ठग भी उठाते हैं। फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापन और पेमेंट लिंक के जरिए लोगों को निशाना बनाया जाता है। ऐसे में दिवाली शॉपिंग करते समय इन पांच तरह के साइबर फ्रॉड से सावधान रहना जरूरी है।
फर्जी शॉपिंग वेबसाइट से रहें सतर्क
दिवाली के दौरान ठग असली ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली साइट बना लेते हैं। इन पर स्मार्टफोन, टीवी और दूसरे महंगे प्रोडक्ट बेहद कम कीमत पर बेचने का दावा किया जाता है। ग्राहक सस्ते ऑफर के लालच में ऑर्डर कर देते हैं, लेकिन पेमेंट के बाद सामान नहीं मिलता या नकली प्रोडक्ट भेज दिया जाता है। इसलिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही खरीदारी करें।
सोशल मीडिया विज्ञापनों के जाल में न फंसें
फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर कई बार ब्रांडेड प्रोडक्ट पर 70 से 80 प्रतिशत तक छूट देने वाले विज्ञापन दिखाई देते हैं। इनमें दिए गए लिंक आपको फर्जी वेबसाइट पर पहुंचा सकते हैं। किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उसकी पुष्टि जरूर करें।
QR कोड और UPI पेमेंट फ्रॉड
ठग दिवाली गिफ्ट, इनाम या कैशबैक देने के नाम पर QR कोड भेज सकते हैं। इन्हें स्कैन करने और UPI PIN डालने पर आपके खाते से पैसे कट सकते हैं। याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने या किसी अनजान QR कोड को स्कैन करने की जरूरत नहीं होती।
फेक डिलीवरी और रिफंड स्कैम
ऑनलाइन ऑर्डर के दौरान ठग पार्सल अटकने, डिलीवरी फेल होने या ऑर्डर कैंसिल होने का फर्जी मैसेज भेज सकते हैं। इसके साथ रिफंड या दोबारा डिलीवरी के नाम पर लिंक दिया जाता है। ऐसे लिंक पर बैंकिंग डिटेल या OTP साझा करने से बचें। ऑर्डर की स्थिति हमेशा आधिकारिक ऐप पर ही जांचें।
फर्जी कैशबैक और गिफ्ट ऑफर
त्योहार के दौरान ठग रिवॉर्ड, शॉपिंग बोनस और कैशबैक के नाम पर भी लोगों को निशाना बनाते हैं। इसके लिए वे फर्जी लिंक खोलने, निजी जानकारी भरने या प्रोसेसिंग फीस जमा करने को कह सकते हैं। किसी अनजान ऑफर पर भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
अगर आपके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचना दें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसे वापस मिलने या ट्रांजैक्शन रोकने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है।

























