Census 2027 Self Enumeration:गौतमबुद्ध नगर में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना के दूसरे चरण को शत-प्रतिशत पूरा कराने के लिए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें 16 से 30 नवंबर के बीच स्व-गणना को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का जोर है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाला हर परिवार इस प्रक्रिया में शामिल हो और अपनी जानकारी समय से दर्ज कराए।
16 नवंबर से स्व-गणना
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जानकारी देने को कहा। इसके लिए गांवों, कस्बों और शहरी इलाकों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि वे स्व-गणना के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जरूरी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं।
डीएम ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य जनगणना की प्रक्रिया में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और निर्धारित समयसीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए।
आरडब्ल्यूए से मांगा सहयोग
बैठक में चार्ज अधिकारियों को आरडब्ल्यूए, सरकारी और निजी संस्थानों, स्कूल-कॉलेजों तथा सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने को कहा गया। लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जनसभाएं, नुक्कड़ नाटक, रैलियां और विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
इसके अलावा 14 नवंबर को बाल दिवस के अवसर पर स्कूलों और कॉलेजों में जनगणना विषय पर निबंध लेखन, संवाद, पोस्टर मेकिंग और चित्रकला प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इनमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि बच्चों के माध्यम से भी परिवारों तक जनगणना का संदेश पहुंच सके।
40 सवालों की मिलेगी जानकारी
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को जनगणना के 40 सवालों की जानकारी पहले से उपलब्ध कराई जाए। संस्थानों, छात्रावासों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों को भी पहले से चिह्नित करने को कहा गया है, ताकि यहां रहने वाले सभी लोगों की जानकारी दर्ज हो सके और कोई भी वर्ग छूटने न पाए।
उन्होंने 16 नवंबर को स्व-गणना के पहले दिन एसई-आईडी दिखाते हुए फोटो खिंचवाने के निर्देश भी दिए। वार्ड और सोसायटी के सहयोग से जनगणना सहायता बूथ बनाए जाएंगे, जहां लोगों को जरूरी जानकारी भरने में मदद मिलेगी। समाज के सभी वर्गों की अलग-अलग सूची तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
आईडी को लेकर सतर्कता
बैठक में एसई-आईडी को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। अधिकारियों को बताया गया कि सुपरवाइजर और प्रगणकों के पास एसई-आईडी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में दोबारा जनगणना कराने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए पूरी प्रक्रिया में पहचान संबंधी जानकारी का सही तरीके से मिलान सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही सीएचसी, पीएचसी और अन्य सरकारी संस्थानों में प्रचार के लिए बैनर और स्टीकर लगाए जाएंगे। प्रमुख चौराहों, मेट्रो स्टेशन, बस स्टेशन, मॉल और सिनेमा घरों की डिजिटल स्क्रीन पर भी जनगणना से जुड़े संदेश दिखाए जाएंगे।
सेल्फी प्वाइंट से प्रचार
स्व-गणना को लोकप्रिय बनाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। वहीं, प्राधिकरण के वाहनों में जागरूकता से जुड़े जिंगल और ऑडियो संदेश प्रसारित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंचे।
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने साफ कहा कि जनगणना के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला जनगणना अधिकारी अजीत कुमार सिंह, डीआईओएस चंद्रशेखर, अभिमन्यु सिंह, जिला प्रभारी जनगणना प्रदीप कुमार और उत्कर्ष पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
























