मंगलवार, जुलाई 21, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍
Home राज्य दिल्ली

Abortion Act : बिना शादी के गर्भपात करवाने को कोर्ट ने दी मंजूरी, जानें क्या कहता है कानून?

by Web Desk
अक्टूबर 2, 2022
in दिल्ली, देश, बड़ी खबर, राष्ट्रीय, विशेष
Share on FacebookShare on Twitter

शादी से पहले अगर कोई लड़की प्रेगनेंट हो जाये तो उस से कितना कुछ सहना पड़ता हैं। फिर कोई भी लड़की एबॉर्शन करवाने का सोचती हैं। अगर कानूनी तौर से देखे तो कोई भी अविवाहित गर्भवती लड़की केवल 20 हफ्ते तक ही गर्भपात करवा सकती हैं. और विवाहित 24 हफ्तों तक एबॉर्शन करवा सकती हैं. पर अगर अविवाहित लड़की का गर्भ 20 हफ्तों से ज्यादा हो जाये तो वो क्या करेगी? क्योकि कानून तो उसे गर्भपात करने की इज़ाज़त नहीं देता।

अविवाहित 24 हफ्तों तक एबॉर्शन करवा सकती हैं

ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया हैं।जिसमे 25 साल की एक महिला को प्रेग्नेंसी के 24वें हफ्ते में अबॉर्शन करवाने की मंजूरी मिल गई है.इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला के अबॉर्शन कराने की अर्जी को खारिज कर दिया था.भारत में अबॉर्शन यानी गर्भपात को ‘कानूनी मान्यता’ मिली हुई है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि इसकी छूट मिल गई है. आज भी भारत में अबॉर्शन को लेकर ‘मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ .प्रेग्नेंसी एक्ट’ है, जो 1971 से लागू है. इसमें 2021 में संशोधन हुआ था.

RELATED NEWS

Air India AI171 हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट कब तक आयेगी ,सुप्रीम कोर्ट में क्यों AAIB ने स्वतंत्र जांच का किया विरोध

Air India AI171 हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट कब तक आयेगी ,सुप्रीम कोर्ट में क्यों AAIB ने स्वतंत्र जांच का किया विरोध

जुलाई 16, 2026
Lucknow Night Safari

Lucknow Night Safari: सुप्रीम कोर्ट से मिली मंजूरी, कुकरैल में देश की पहली अर्बन नाइट सफारी का रास्ता साफ

जुलाई 16, 2026

युवती ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका डाली

चलो तो आपको बताते हैं शुरू से कि कहानी हैं क्या। ये मामला 15 जुलाई 2022 को शुरू हुआ, जब मणिपुर की एक 25 वर्षीय युवती ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका डाली। साथ ही 24 हफ्ते पूरे होने से पहले गर्भपात की अनुमति कोर्ट से मांगी। युवती ने कोर्ट को बताया कि उनके पार्टनर ने प्रेग्नेंसी के बाद शादी करने से इनकार कर दिया। शुरू में वो इस बच्चे का गर्भपात नहीं करवाना चाहती थीं, लेकिन बाद में सामाजिक और अन्य पहलुओं को देखते हुए उसे ये फैसला लेने को मजबूर होना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची.

क्योंकि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी रूल्स 2003 के अनुसार वो अबॉर्शन नहीं करवा सकती. फिर इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि अबॉर्शन की अनुमति देना बच्चे की हत्या करने के बराबर हैं। लिहाजा कानून के तहत उसे अबॉर्शन कराने की अनुमति नहीं मिली। और जब हाईकोर्ट से याचिका खारिज हुई तो उस महिला ने हार नहीं मानी और बाद में वो सुप्रीम कोर्ट पहुंची.

भारत में अबॉर्शन को तीन कैटेगरी में बांटा

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस महिला की बात पर गौर किया और कहा कि हाईकोर्ट ने गलत दृष्टिकोण अपनाया था. और महिला अविवाहित है इसलिए उसे अबॉर्शन कराने से नहीं रोका जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस फैसले में कहा और इस फैसले में ‘पति’ की जगह ‘पार्टनर’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है. ये इसलिए हुआ था ताकि ‘अविवाहित महिलाओं’ को भी इसके दायरे में लाया जा सके. इसके लिए कोर्ट ने भारत में अबॉर्शन को तीन कैटेगरी में बांटा –

प्रेग्नेंसी के 0 से 20 हफ्ते तक

अगर कोई महिला मां बनने के लिए मानसिक तौर से तैयार नहीं है या फिर कांट्रासेप्टिव मेथड या डिवाइस फेल हो गया हो और महिला न चाहते हुए भी गर्भवती हो जाए तो वो अबॉर्शन करवा सकती है. इसके लिए एक रजिस्टर्ड डॉक्टर का होना बेहद जरूरी है.

प्रेग्नेंसी के 20 से 24 हफ्ते तक

अगर मां या बच्चे के मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य को किसी भी तरह का खतरा है, तो इसके लिए महिला अबॉर्शन करवा सकती है. हालांकि ऐसे मामलों में दो डॉक्टरों का होना जरूरी है

प्रेग्नेंसी के 24 हफ्ते बाद

अगर महिला यौन उत्पीड़न या रेप का शिकार हुई हैं और वह इस वजह से प्रेग्नेंट हुई हो तो 24 हफ्ते बाद भी अबॉर्शन करवा सकती है.इसके अलावा अगर बच्चे के जिंदा रहने के चांस कम हैं या मां की जान को कोई खतरा हो या प्रेग्नेंसी के दौरान महिला का मेरिटल स्टेटस बदल जाए यानी उसका तलाक हो जाए या फिर विधवा हो जाए, तो भी अबॉर्शन करवा सकती है.

माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी

इसके अलावा अगर प्रेग्नेंसी से गर्भवती की जान को खतरा है तो किसी भी स्टेज पर एक डॉक्टर की सलाह पर अबॉर्शन किया जा सकता है. लेकिन अबॉर्शन तभी होगा, जब महिला की लिखित अनुमति होगी. अगर कोई नाबालिग है या मानसिक रूप से बीमार है तो ऐसी स्थिति में माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी.

Tags: High CourtNew DelhiNews1IndiaSupreme Court
Share197Tweet123Share49

Web Desk

Related Posts

Air India AI171 हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट कब तक आयेगी ,सुप्रीम कोर्ट में क्यों AAIB ने स्वतंत्र जांच का किया विरोध

Air India AI171 हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट कब तक आयेगी ,सुप्रीम कोर्ट में क्यों AAIB ने स्वतंत्र जांच का किया विरोध

by Kirtika Tyagi
जुलाई 16, 2026

Air India AI171 Crash Investigation: अहमदाबाद में जून 2025 में हुए एयर इंडिया AI171 विमान हादसे की जांच को लेकर...

Lucknow Night Safari

Lucknow Night Safari: सुप्रीम कोर्ट से मिली मंजूरी, कुकरैल में देश की पहली अर्बन नाइट सफारी का रास्ता साफ

by SYED BUSHRA
जुलाई 16, 2026

Lucknow Night Safari: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा...

Illegal Construction: मेरठ सेंट्रल मार्केट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 44 सील संपत्तियों से अवैध निर्माण हटाने और सैकड़ों अतिक्रमण हटाने के आदेश

Illegal Construction: मेरठ सेंट्रल मार्केट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 44 सील संपत्तियों से अवैध निर्माण हटाने और सैकड़ों अतिक्रमण हटाने के आदेश

by Sadaf Farooqui
जुलाई 15, 2026

Illegal Construction: उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने...

Legal News: वकीलों की सोशल मीडिया रील्स पर उठे सवाल, मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, किसने PIL दाख़िल कर रोक लगाने करी मांग

Legal News: वकीलों की सोशल मीडिया रील्स पर उठे सवाल, मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, किसने PIL दाख़िल कर रोक लगाने करी मांग

by SYED BUSHRA
जुलाई 14, 2026

PIL Filed Against Lawyers' Reels, सोशल मीडिया पर इन दिनों वकीलों की रील्स और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे...

इंडोनेशिया में पीएम मोदी ने किया ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर का दर्शन,भारत-इंडोनेशिया ने सांस्कृतिक रिश्तों को दी नई मजबूती

Allahabad High Court का बड़ा फैसला, कोविड ड्यूटी में जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल की पत्नी को मिलेंगे 50 लाख रुपये

by SYED BUSHRA
जुलाई 9, 2026

Allahabad High Court Judgment: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने कोविड-19 महामारी के दौरान ड्यूटी करते हुए जान गंवाने वाले...

Next Post

Meerut में तालिबानी तरीके से हुआ कत्ल, कटे सिर को तलाशने में जुटी पुलिस, अभी तक नहीं मिला कोई सुराग

Delhi: नंद नगरी में चाकू घोंपकर युवक की निर्मम हत्या, CCTV के जरिए पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा, जांच में सामने आई वजह

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist