ATM Closure: देश के छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। एटीएम उद्योग से जुड़े संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो देश के कई हिस्सों में एटीएम सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे लोगों को नकदी निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
एटीएम उद्योग के प्रतिनिधि संगठन कन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) ने इस मुद्दे को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के समक्ष अपनी चिंता जताई है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
कैश सप्लाई में असंतुलन बना बड़ी समस्या
एटीएम ऑपरेटर्स का आरोप है कि देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) मेट्रो शहरों के एटीएम में आवश्यकता से अधिक नकदी उपलब्ध करा रहा है। इसके चलते छोटे शहरों और कस्बों में स्थित एटीएम तक पर्याप्त कैश नहीं पहुंच पा रहा है।
बताया जा रहा है कि एसबीआई के देशभर में करीब 65 हजार एटीएम हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में कैश प्रबंधन का कार्य बैंक स्वयं करता है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि मेट्रो शहरों पर अधिक ध्यान दिए जाने से अन्य क्षेत्रों की सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान
कैश की कमी के कारण कई एटीएम लंबे समय तक बंद या ऑफलाइन रह रहे हैं। इससे एटीएम ऑपरेटर्स को ट्रांजैक्शन और इंटरचेंज फीस का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
CATMi के अनुसार, इस स्थिति के चलते एटीएम उद्योग को अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हो चुका है। संगठन ने इस नुकसान की भरपाई के लिए बैंकिंग क्षेत्र से मुआवजे की भी मांग की है।
ऑपरेटर्स ने चेतावनी दी है कि यदि 20 जून 2026 तक कैश सप्लाई की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में कई एटीएम स्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं।
घट रहा है एटीएम का इस्तेमाल
डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच एटीएम से नकदी निकासी के मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2023 में देशभर के एटीएम से लगभग 570 मिलियन नकदी निकासी लेनदेन हुए थे, जो सितंबर 2025 तक घटकर करीब 439.5 मिलियन रह गए।
इस गिरावट का सीधा असर एटीएम ऑपरेटर्स की कमाई पर पड़ रहा है।
लगातार कम हो रही एटीएम की संख्या
बढ़ते खर्च और घटती आय के कारण देश में एटीएम की संख्या भी धीरे-धीरे कम हो रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश में कुल एटीएम की संख्या घटकर लगभग 2.51 लाख रह गई, जबकि इससे पहले यह संख्या 2.53 लाख से अधिक थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंद होने वाले अधिकांश एटीएम छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां नकदी की आवश्यकता अभी भी अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई है।









