Bulldozer Action: पश्चिम बंगाल के बसीरहाट इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई हसनाबाद थाना क्षेत्र के अमलानी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले तलपुकुर बाजार इलाके में की गई। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेता सद्दाम हुसैन ने स्थानीय निवासी गियासुद्दीन घरामी की जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया था और वहां अवैध इमारत बनवा दी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जमीन को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा था। जब गियासुद्दीन घरामी को स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला, तो उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामला आखिरकार Calcutta High Court तक पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने अवैध निर्माण गिराने का आदेश दिया।
राजनीतिक दबाव के आरोप
इलाके के लोगों का कहना है कि कोर्ट का आदेश आने के बाद भी लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया गया कि राजनीतिक दबाव और प्रभाव के चलते प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे रहा। लोगों का दावा है कि इसी वजह से अवैध निर्माण को हटाने में देरी हुई। हाल के दिनों में राज्य में अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हुई है। विपक्षी नेता Suvendu Adhikari ने भी कई बार सार्वजनिक मंचों से अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
भारी पुलिस बल के साथ पहुंचा प्रशासन
शनिवार सुबह प्रशासन ने बड़ी तैयारी के साथ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। हसनाबाद पुलिस स्टेशन से भारी संख्या में पुलिसकर्मी, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, ब्लॉक प्रशासन के अधिकारी और बीडीओ मौके पर पहुंचे। सबसे पहले पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया गया। इसके बाद बुलडोजर की मदद से अवैध ढांचे को तोड़ने का काम शुरू हुआ। किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी गई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई।
कार्रवाई देखने जुटी भीड़
बुलडोजर कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कई लोग सड़क किनारे खड़े होकर कार्रवाई देखते रहे। स्थानीय निवासियों के एक वर्ग ने प्रशासन के इस कदम पर संतोष जताया। लोगों का कहना है कि आखिरकार प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का पालन किया। उनका मानना है कि अगर पहले ही कार्रवाई होती, तो मामला इतना लंबा नहीं खिंचता। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक All India Trinamool Congress की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि भविष्य में सरकारी या निजी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।









