यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन ने रियाद की मदद करने का फैसला किया है। ब्रिटेन सऊदी लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन भरने के लिए रॉयल एयर फोर्स का एक वोयेजर विमान तैनात करेगा। यह सहायता फिलहाल कुछ हफ्तों के लिए होगी और बाद में इसकी समीक्षा की जाएगी।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने बताया कि यह कदम सऊदी अरब और पूरे क्षेत्र में ब्रिटिश हितों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। ब्रिटेन का कहना है कि इस समय तेल की आवाजाही के रास्तों को खुला रखना भी महत्वपूर्ण है। ब्रिटिश अधिकारियों के मुताबिक सऊदी लड़ाकू विमान जिन अभियानों में ईंधन सहायता लेंगे, उन्हें रक्षात्मक मिशन के तौर पर देखा जा रहा है।
हूती लगातार हमलावर
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। शनिवार को रियाद की तरफ भी मिसाइल दागे जाने की खबर सामने आई थी, जिसे सऊदी रक्षा व्यवस्था ने रोकने का दावा किया। हूतियों ने लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।
बाब-अल-मंदेब दुनिया के अहम समुद्री मार्गों में शामिल है। यहां तनाव बढ़ने से तेल की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। हूती लड़ाकों ने हाल में यमन के महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोखा और लाल सागर के कुछ रणनीतिक द्वीपों पर भी कब्जा किया है।
यमन में बढ़ा विस्थापन
जंग तेज होने का सबसे बड़ा असर यमन के आम लोगों पर पड़ा है। ब्रिटेन की संसद में 21 सितंबर को दिए गए जवाब के मुताबिक, संघर्ष बढ़ने के बाद यमन के भीतर करीब 1.26 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि यह संख्या आगे और बढ़ सकती है।
विस्थापन के साथ खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी जरूरतें भी बढ़ रही हैं। महिलाओं और बच्चों को विशेष जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार, कम से कम 3,400 यमनी लोग पड़ोसी देश जिबूती पहुंच चुके हैं और उन्हें सहायता दी जा रही है।
अमेरिका ने दूरी बनाई
सऊदी अरब ने हूती हमलों से निपटने के लिए कई देशों से मदद मांगी थी। इनमें ब्रिटेन, फ्रांस, पाकिस्तान और मिस्र शामिल हैं। ब्रिटेन ने अब सीमित सैन्य सहायता देने की घोषणा की है, जबकि अमेरिका ने इस चरण में सीधे सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाए रखी है।
ब्रिटेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हूतियों के सऊदी अरब पर हमलों की निंदा भी की है। साथ ही उसने यमन में मानवीय संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता बढ़ाने की बात कही है।

